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ज्योतिष और अंक शास्त्र ब्लॉग

प्रमाणित ज्योतिषियों द्वारा वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, कुंडली पाठ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर विशेषज्ञ लेख।

36 लेख

ग्रह और उनके प्रभाव
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें

आपकी कुंडली में सबसे शक्तिशाली ग्रह कौन-सा है, यह कैसे जानें?

क्या आप जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में सबसे शक्तिशाली ग्रह कौन-सा है? यह सरल मार्गदर्शिका बताती है कि ज्योतिषी किसी ग्रह का बल कैसे परखते हैं— राशिगत स्थिति, भावस्थिति, दृष्टि, भावस्वामित्व, युति, दशा और जीवन में बार-बार दिखने वाले अनुभवों के आधार पर। जानिए ग्रहबल को सही ढंग से समझने की विधि, बिना जल्दबाज़ी और बिना सतही निष्कर्ष के।

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ग्रह और उनके प्रभाव
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें

ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह का अर्थ: एक सरल प्रारंभिक मार्गदर्शिका

ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह जीवन की अलग शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है— जैसे आत्मबोध, मन, साहस, बुद्धि, प्रेम, अनुशासन, इच्छा, वैराग्य और कर्मफल। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए वैदिक ज्योतिष के प्रत्येक ग्रह का मूल अर्थ क्या है और जन्मकुंडली में ग्रह वास्तव में क्या कह रहे होते हैं।

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ग्रह और उनके प्रभाव
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 21 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष के 9 ग्रह कौन-से हैं?

वैदिक ज्योतिष के 9 ग्रह जन्मकुंडली को समझने की सबसे मूल कुंजियों में से एक हैं। यही ग्रह व्यक्तित्व, मन, कर्म, इच्छाएँ, संबंध, बुद्धि, अनुशासन, भाग्य, भ्रम और आध्यात्मिक दिशा को समझने में सहायता करते हैं। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए 9 ग्रह कौन-से हैं, प्रत्येक ग्रह क्या दर्शाता है, और जन्मकुंडली में उनका इतना महत्त्व क्यों है।

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मुहूर्त और पंचांग
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 18 मिनट पढ़ें

अभिजीत मुहूर्त क्या है और इसका उपयोग कब किया जा सकता है?

अभिजीत मुहूर्त हिंदू समय-विवेचन में एक अत्यंत प्रसिद्ध शुभ काल माना जाता है, विशेषकर तब जब किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए व्यावहारिक रूप से अनुकूल समय चाहिए हो। इस लेख में सरल भाषा में समझाया गया है कि अभिजीत मुहूर्त क्या है, इसे शुभ क्यों माना जाता है, किन कार्यों में इसका उपयोग किया जा सकता है, और किन स्थितियों में इसे बिना सोचे-समझे सामान्य नियम की तरह नहीं अपनाना चाहिए।

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मुहूर्त और पंचांग
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें

पंचांग क्या है? इसे सरल ढंग से कैसे समझें

यदि आप बार-बार पंचांग शब्द सुनते हैं, पर यह ठीक से नहीं जानते कि इसमें क्या देखा जाता है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें समझाया गया है कि पंचांग क्या है, इसके पाँच अंग कौन-से हैं, हिंदू परंपरा में इसका महत्व क्यों है, और इसे सरल ढंग से कैसे पढ़ा जाए ताकि यह उलझन या भय का नहीं, बल्कि समय-बुद्धि का साधन बने।

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मुहूर्त और पंचांग
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें

मुहूर्त क्या है? एक सरल प्रारंभिक मार्गदर्शिका

यदि आप मुहूर्त शब्द बार-बार सुनते हैं लेकिन ठीक से नहीं जानते कि इसका अर्थ क्या है, तो यह सरल मार्गदर्शिका आपके लिए है। इसमें समझाया गया है कि मुहूर्त क्या है, हिंदू परंपरा में इसका महत्व क्यों है, पंचांग के आधार पर इसे कैसे चुना जाता है, और इसे भय या अंधविश्वास के बिना संतुलित ढंग से कैसे समझा जाए।

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दैनिक जीवन में ज्योतिष
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें

अंधविश्वासी बने बिना दैनिक जीवन में ज्योतिष कैसे सहायक हो सकती है?

ज्योतिष तब उपयोगी होती है जब उसे भय, निर्भरता या अंधविश्वास की जगह आत्मबोध, समय की समझ, मनोभावों की पहचान और बेहतर निर्णय के सहायक रूप में अपनाया जाए। इस लेख में समझाया गया है कि ज्योतिष को दैनिक जीवन में शांत, संतुलित और बुद्धिमत्तापूर्ण ढंग से कैसे उपयोग करें, ताकि वह जीवन को सहारा दे, जीवन पर शासन न करे।

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वास्तु शास्त्र
पंडित सुनील मिश्रा 31 मार्च 2026 19 मिनट पढ़ें

तोड़-फोड़ के बिना सरल वास्तु उपाय

क्या आप अपने घर की वास्तु सुधारना चाहते हैं, लेकिन दीवारें तोड़ना, भारी खर्च करना या बड़े निर्माण-परिवर्तन करना संभव नहीं है? यह व्यावहारिक मार्गदर्शिका ऐसे सरल वास्तु उपाय बताती है जो सफ़ाई, अव्यवस्था कम करने, मुख्य द्वार की देखभाल, कमरों के सही उपयोग, टूट-फूट की मरम्मत, प्रकाश, वायु और घर के संतुलन पर आधारित हैं, ताकि बिना बड़े बदलाव के घर अधिक शांत, सुसंगत और सहायक बन सके।

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वास्तु शास्त्र
पंडित सुनील मिश्रा 31 मार्च 2026 19 मिनट पढ़ें

घर में आर्थिक समस्याओं के लिए वास्तु उपाय

यदि घर में धन आता तो है पर टिकता नहीं, खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं, बचत रुक गई है, या आर्थिक दबाव हर समय बना रहता है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें सरल और संतुलित भाषा में बताया गया है कि वास्तु आर्थिक असंतुलन को किस प्रकार देखती है, घर के कौन-से भाग धन-संबंधी स्थिरता से जोड़े जाते हैं, कौन-से छोटे उपाय वातावरण को अधिक व्यवस्थित और सहायक बना सकते हैं, और वास्तु क्या कर सकती है तथा क्या नहीं।

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