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दशा और समयफल

विंशोत्तरी दशा, योगिनी दशा, अंतरदशा और समय के अनुसार फल समझने के लिए लेख।

5 लेख श्रेणी में दशा और समयफल

अनुकूल दशा के बाद भी विवाह में देरी क्यों हो सकती है?दशा और समयफल
Pandit Sunil Mishra 18 जुल॰ 2026 14 मिनट पढ़ें

अनुकूल दशा के बाद भी विवाह में देरी क्यों हो सकती है?

अनुकूल दशा विवाह की संभावना दिखा सकती है, लेकिन विवाह तय नहीं करती। अंतर्दशा, D1, सप्तम भाव, नवांश, गोचर, जन्म समय और वास्तविक तैयारी को साथ समझें.

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दशा विवाह के समय को कैसे प्रभावित करती है?दशा और समयफल
Pandit Sunil Mishra 01 अप्रैल 2026 12 मिनट पढ़ें

दशा विवाह के समय को कैसे प्रभावित करती है?

वैदिक ज्योतिष में विवाह का समय केवल गोचर देखकर तय नहीं किया जाता। महादशा और अंतर्दशा यह बताती हैं कि जीवन में विवाह, संबंध, परिवार और प्रतिबद्धता के योग कब सक्रिय हो रहे हैं।

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दशा बनाम गोचर: अंतर क्या है?दशा और समयफल
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 21 मिनट पढ़ें

दशा बनाम गोचर: अंतर क्या है?

वैदिक ज्योतिष में किसी घटना का समय समझने के लिए दशा और गोचर दोनों को साथ देखकर पढ़ा जाता है। दशा जीवन की मुख्य अवधि और विषय बताती है, जबकि गोचर यह संकेत देता है कि वह विषय कब सक्रिय हो सकता है।

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महादशा और अंतरदशा साथ में कैसे काम करती हैं?दशा और समयफल
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें

महादशा और अंतरदशा साथ में कैसे काम करती हैं?

महादशा और अंतरदशा वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण समय-परतों में से हैं। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि महादशा और अंतरदशा का अर्थ क्या है, मुख्य और उप-ग्रहकाल कैसे मिलकर काम करते हैं, एक ही महादशा अलग-अलग समय में इतनी अलग क्यों महसूस हो सकती है, और ये दोनों मिलकर करियर, संबंध, धन, मनःस्थिति और जीवन के बड़े मोड़ों को कैसे प्रभावित करते हैं।

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वैदिक ज्योतिष में दशा क्या है? एक शुरुआती मार्गदर्शिकादशा और समयफल
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 21 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में दशा क्या है? एक शुरुआती मार्गदर्शिका

वैदिक ज्योतिष में दशा क्या होती है? इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए दशा का सीधा अर्थ, महादशा और अंतरदशा कैसे काम करती हैं, जीवन एक ग्रहकाल से दूसरे ग्रहकाल में इतना क्यों बदल जाता है, और जन्मकुंडली की संभावना जितनी महत्वपूर्ण है, समय उतना ही महत्वपूर्ण क्यों है।

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