माय डेस्टिनी पाथ लोगो
ज्ञान केंद्र

ज्योतिष और अंक शास्त्र ब्लॉग

प्रमाणित ज्योतिषियों द्वारा वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, कुंडली पाठ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर विशेषज्ञ लेख।

43 लेख

नाम से विवाह गुण मिलान: क्या केवल नाम के आधार पर वैवाहिक अनुकूलता जानी जा सकती है?विवाह और संबंध
Pandit Sunil Mishra 23 जुल॰ 2026 11 मिनट पढ़ें

नाम से विवाह गुण मिलान: क्या केवल नाम के आधार पर वैवाहिक अनुकूलता जानी जा सकती है?

नाम से विवाह गुण मिलान क्या है? जानें नाम राशि, अनुमानित 36 गुण, जन्मकुंडली से अंतर, इसकी सीमाएँ और विवाह से पहले जरूरी व्यावहारिक बातें。

और पढ़ें
अनुकूल दशा के बाद भी विवाह में देरी क्यों हो सकती है?दशा और समयफल
Pandit Sunil Mishra 18 जुल॰ 2026 14 मिनट पढ़ें

अनुकूल दशा के बाद भी विवाह में देरी क्यों हो सकती है?

अनुकूल दशा विवाह की संभावना दिखा सकती है, लेकिन विवाह तय नहीं करती। अंतर्दशा, D1, सप्तम भाव, नवांश, गोचर, जन्म समय और वास्तविक तैयारी को साथ समझें.

और पढ़ें
ज्योतिष स्वास्थ्य और जीवनशैली के बारे में क्या कहता है?स्वास्थ्य और जीवनशैली ज्योतिष
Pandit Sunil Mishra 19 जून 2026 10 मिनट पढ़ें

ज्योतिष स्वास्थ्य और जीवनशैली के बारे में क्या कहता है?

ज्योतिष शरीर की लय, तनाव के पैटर्न, भावनात्मक संवेदनशीलता, ऊर्जा, नींद और विश्राम के समय को समझने में मदद कर सकता है। लेकिन इसे चिकित्सा, जांच या उपचार का विकल्प नहीं मानना चाहिए। यह सरल लेख बताता है कि स्वास्थ्य और जीवनशैली के विषय में ज्योतिष को जिम्मेदारी से कैसे समझें।

और पढ़ें
नक्षत्र राशियों से कैसे भिन्न हैं?नक्षत्र
पंडित सुनील मिश्रा 02 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें

नक्षत्र राशियों से कैसे भिन्न हैं?

वैदिक ज्योतिष के बहुत-से शुरुआती विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि नक्षत्र और राशियाँ बस दो अलग शब्द हैं, जबकि ऐसा नहीं है। इस मार्गदर्शिका में जानिए नक्षत्र राशियों से कैसे भिन्न हैं, दोनों का महत्व क्या है, राशियाँ व्यापक ढाँचा कैसे देती हैं, नक्षत्र उसी ढाँचे के भीतर सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक पैटर्न कैसे खोलते हैं, और एक ही राशि वाले लोग भी इतने अलग क्यों हो सकते हैं।

और पढ़ें
जन्मकुंडली से अपना जन्म नक्षत्र कैसे जानें?नक्षत्र
पंडित सुनील मिश्रा 02 अप्रैल 2026 18 मिनट पढ़ें

जन्मकुंडली से अपना जन्म नक्षत्र कैसे जानें?

जन्म नक्षत्र वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादों में से एक है, क्योंकि यह सामान्यतः जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति पर आधारित होता है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए जन्मकुंडली से अपना जन्म नक्षत्र कैसे पता करें, कौन-सी जन्म जानकारी आवश्यक है, चंद्रमा इतना महत्वपूर्ण क्यों है, कुंडली में इसे सही जगह कैसे देखें, और जन्म नक्षत्र आपके स्वभाव के बारे में क्या बताना शुरू करता है।

और पढ़ें
वैदिक ज्योतिष में नक्षत्र क्या है? एक शुरुआती मार्गदर्शिकानक्षत्र
पंडित सुनील मिश्रा 02 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में नक्षत्र क्या है? एक शुरुआती मार्गदर्शिका

नक्षत्र वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण नींवों में से एक हैं, फिर भी बहुत-से शुरुआती लोग इस शब्द को सुनते तो हैं पर ठीक से समझ नहीं पाते। इस मार्गदर्शिका में जानिए नक्षत्र क्या है, 27 नक्षत्र कैसे काम करते हैं, वे राशियों से कैसे अलग हैं, व्यक्तित्व और मन पर उनका क्या प्रभाव होता है, और जन्मकुंडली पढ़ने में उनका महत्व इतना अधिक क्यों है।

और पढ़ें
आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा भावनात्मक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?स्वास्थ्य और जीवनशैली ज्योतिष
पंडित सुनील मिश्रा 02 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें

आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा भावनात्मक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं, आंतरिक शांति, विश्राम और जीवन को भीतर से अनुभव करने की क्षमता से गहराई से जुड़ा है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि जन्मकुंडली में चंद्रमा भावनात्मक स्वास्थ्य, संवेदनशीलता, तनाव-प्रतिक्रिया, नींद, मानसिक स्थिरता और भावनात्मक सुरक्षा की आवश्यकता को किस प्रकार प्रभावित करता है।

और पढ़ें
दशा विवाह के समय को कैसे प्रभावित करती है?दशा और समयफल
Pandit Sunil Mishra 01 अप्रैल 2026 12 मिनट पढ़ें

दशा विवाह के समय को कैसे प्रभावित करती है?

वैदिक ज्योतिष में विवाह का समय केवल गोचर देखकर तय नहीं किया जाता। महादशा और अंतर्दशा यह बताती हैं कि जीवन में विवाह, संबंध, परिवार और प्रतिबद्धता के योग कब सक्रिय हो रहे हैं।

और पढ़ें
दशा बनाम गोचर: अंतर क्या है?दशा और समयफल
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 21 मिनट पढ़ें

दशा बनाम गोचर: अंतर क्या है?

वैदिक ज्योतिष में किसी घटना का समय समझने के लिए दशा और गोचर दोनों को साथ देखकर पढ़ा जाता है। दशा जीवन की मुख्य अवधि और विषय बताती है, जबकि गोचर यह संकेत देता है कि वह विषय कब सक्रिय हो सकता है।

और पढ़ें
पृष्ठ 1 में से 5अगला