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दशा और समयफल

विंशोत्तरी दशा, योगिनी दशा, अंतरदशा और समय के अनुसार फल समझने के लिए लेख।

4 लेख श्रेणी में दशा और समयफल

दशा और समयफल

दशा विवाह के समय को कैसे प्रभावित करती है?

वैदिक ज्योतिष में विवाह का समय केवल जन्मकुंडली देखकर नहीं तय किया जाता। दशा यह समझने में बड़ी भूमिका निभाती है कि संबंध-विषय कब सक्रिय होते हैं, विवाह की बात कब आगे बढ़ती है, देरी क्यों होती है, और जीवन के कुछ चरण विवाह के लिए अधिक अनुकूल जबकि कुछ कम अनुकूल क्यों होते हैं। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि दशा विवाह-समय को किस प्रकार प्रभावित करती है।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें
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दशा बनाम गोचर: अंतर क्या है?

दशा और गोचर दोनों वैदिक ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन दोनों का काम एक जैसा नहीं है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए दशा और गोचर में क्या अंतर है, दोनों कैसे काम करते हैं, क्यों दशा जीवन का बड़ा समय-अध्याय दिखाती है जबकि गोचर कई बार घटना को सक्रिय करता है, और स्पष्ट समय-समझ के लिए दोनों को साथ पढ़ना क्यों जरूरी है।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 21 मिनट पढ़ें
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महादशा और अंतरदशा साथ में कैसे काम करती हैं?

महादशा और अंतरदशा वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण समय-परतों में से हैं। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि महादशा और अंतरदशा का अर्थ क्या है, मुख्य और उप-ग्रहकाल कैसे मिलकर काम करते हैं, एक ही महादशा अलग-अलग समय में इतनी अलग क्यों महसूस हो सकती है, और ये दोनों मिलकर करियर, संबंध, धन, मनःस्थिति और जीवन के बड़े मोड़ों को कैसे प्रभावित करते हैं।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें
दशा और समयफल

वैदिक ज्योतिष में दशा क्या है? एक शुरुआती मार्गदर्शिका

वैदिक ज्योतिष में दशा क्या होती है? इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए दशा का सीधा अर्थ, महादशा और अंतरदशा कैसे काम करती हैं, जीवन एक ग्रहकाल से दूसरे ग्रहकाल में इतना क्यों बदल जाता है, और जन्मकुंडली की संभावना जितनी महत्वपूर्ण है, समय उतना ही महत्वपूर्ण क्यों है।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 21 मिनट पढ़ें