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ज्योतिष और अंक शास्त्र ब्लॉग

प्रमाणित ज्योतिषियों द्वारा वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, कुंडली पाठ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर विशेषज्ञ लेख।

43 लेख

पंचांग क्या है? इसे सरल ढंग से कैसे समझेंमुहूर्त और पंचांग
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें

पंचांग क्या है? इसे सरल ढंग से कैसे समझें

यदि आप बार-बार पंचांग शब्द सुनते हैं, पर यह ठीक से नहीं जानते कि इसमें क्या देखा जाता है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें समझाया गया है कि पंचांग क्या है, इसके पाँच अंग कौन-से हैं, हिंदू परंपरा में इसका महत्व क्यों है, और इसे सरल ढंग से कैसे पढ़ा जाए ताकि यह उलझन या भय का नहीं, बल्कि समय-बुद्धि का साधन बने।

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मुहूर्त क्या है? एक सरल प्रारंभिक मार्गदर्शिकामुहूर्त और पंचांग
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें

मुहूर्त क्या है? एक सरल प्रारंभिक मार्गदर्शिका

यदि आप मुहूर्त शब्द बार-बार सुनते हैं लेकिन ठीक से नहीं जानते कि इसका अर्थ क्या है, तो यह सरल मार्गदर्शिका आपके लिए है। इसमें समझाया गया है कि मुहूर्त क्या है, हिंदू परंपरा में इसका महत्व क्यों है, पंचांग के आधार पर इसे कैसे चुना जाता है, और इसे भय या अंधविश्वास के बिना संतुलित ढंग से कैसे समझा जाए।

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अंधविश्वासी बने बिना दैनिक जीवन में ज्योतिष कैसे सहायक हो सकती है?दैनिक जीवन में ज्योतिष
पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें

अंधविश्वासी बने बिना दैनिक जीवन में ज्योतिष कैसे सहायक हो सकती है?

ज्योतिष तब उपयोगी होती है जब उसे भय, निर्भरता या अंधविश्वास की जगह आत्मबोध, समय की समझ, मनोभावों की पहचान और बेहतर निर्णय के सहायक रूप में अपनाया जाए। इस लेख में समझाया गया है कि ज्योतिष को दैनिक जीवन में शांत, संतुलित और बुद्धिमत्तापूर्ण ढंग से कैसे उपयोग करें, ताकि वह जीवन को सहारा दे, जीवन पर शासन न करे।

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तोड़-फोड़ के बिना सरल वास्तु उपायवास्तु शास्त्र
पंडित सुनील मिश्रा 31 मार्च 2026 19 मिनट पढ़ें

तोड़-फोड़ के बिना सरल वास्तु उपाय

क्या आप अपने घर की वास्तु सुधारना चाहते हैं, लेकिन दीवारें तोड़ना, भारी खर्च करना या बड़े निर्माण-परिवर्तन करना संभव नहीं है? यह व्यावहारिक मार्गदर्शिका ऐसे सरल वास्तु उपाय बताती है जो सफ़ाई, अव्यवस्था कम करने, मुख्य द्वार की देखभाल, कमरों के सही उपयोग, टूट-फूट की मरम्मत, प्रकाश, वायु और घर के संतुलन पर आधारित हैं, ताकि बिना बड़े बदलाव के घर अधिक शांत, सुसंगत और सहायक बन सके।

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घर में आर्थिक समस्याओं के लिए वास्तु उपायवास्तु शास्त्र
पंडित सुनील मिश्रा 31 मार्च 2026 19 मिनट पढ़ें

घर में आर्थिक समस्याओं के लिए वास्तु उपाय

यदि घर में धन आता तो है पर टिकता नहीं, खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं, बचत रुक गई है, या आर्थिक दबाव हर समय बना रहता है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें सरल और संतुलित भाषा में बताया गया है कि वास्तु आर्थिक असंतुलन को किस प्रकार देखती है, घर के कौन-से भाग धन-संबंधी स्थिरता से जोड़े जाते हैं, कौन-से छोटे उपाय वातावरण को अधिक व्यवस्थित और सहायक बना सकते हैं, और वास्तु क्या कर सकती है तथा क्या नहीं।

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वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार की सर्वोत्तम दिशा कौन-सी है?वास्तु शास्त्र
Pandit Sunil Mishra 31 मार्च 2026 18 मिनट पढ़ें

वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार की सर्वोत्तम दिशा कौन-सी है?

मुख्य द्वार घर में प्रवेश, आवागमन और ऊर्जा के प्रतीकात्मक प्रवाह से जुड़ा है। जानें कि वास्तु में पूर्व, उत्तर, ईशान और अन्य दिशाओं को कैसे समझा जाता है तथा वास्तविक घर में सही निर्णय कैसे लें।

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वास्तु शास्त्र क्या है? शुरुआती लोगों के लिए विस्तृत मार्गदर्शिकावास्तु शास्त्र
Pandit Sunil Mishra 31 मार्च 2026 19 मिनट पढ़ें

वास्तु शास्त्र क्या है? शुरुआती लोगों के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका

वास्तु शास्त्र स्थान, दिशा, पंचतत्व, प्रकाश, वायु, भार और उपयोग के संतुलन से जुड़ी पारंपरिक भारतीय स्थान-योजना है। जानें कि वास्तु का वास्तविक अर्थ क्या है और इसे बिना डर के व्यावहारिक रूप से कैसे समझें।

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विवाह से पहले कुंडली मिलान वास्तव में कैसे किया जाता है?विवाह और संबंध
Pandit Sunil Mishra 31 मार्च 2026 20 मिनट पढ़ें

विवाह से पहले कुंडली मिलान वास्तव में कैसे किया जाता है?

कुंडली मिलान केवल 36 गुण या किसी एक दोष का निर्णय नहीं है। संपूर्ण विवाह विश्लेषण में गुण मिलान, मंगल दोष, सातवां भाव, शुक्र, गुरु, नवांश, दशा और वास्तविक जीवन की अनुकूलता को एक साथ देखा जाता है।

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गुण मिलान समझें: 36 गुणों का वास्तविक अर्थ क्या है?विवाह और संबंध
Pandit Sunil Mishra 31 मार्च 2026 19 मिनट पढ़ें

गुण मिलान समझें: 36 गुणों का वास्तविक अर्थ क्या है?

गुण मिलान के 36 गुण विवाह अनुकूलता की आठ परतों का संकेत देते हैं, लेकिन वे अकेले विवाह का निर्णय नहीं करते। वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी के अर्थ विस्तार से समझें।

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