ज्योतिष और अंक शास्त्र ब्लॉग
प्रमाणित ज्योतिषियों द्वारा वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, कुंडली पाठ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर विशेषज्ञ लेख।
विवाह और संबंधनाम से विवाह गुण मिलान: क्या केवल नाम के आधार पर वैवाहिक अनुकूलता जानी जा सकती है?
नाम से विवाह गुण मिलान क्या है? जानें नाम राशि, अनुमानित 36 गुण, जन्मकुंडली से अंतर, इसकी सीमाएँ और विवाह से पहले जरूरी व्यावहारिक बातें。
दशा और समयफलअनुकूल दशा के बाद भी विवाह में देरी क्यों हो सकती है?
अनुकूल दशा विवाह की संभावना दिखा सकती है, लेकिन विवाह तय नहीं करती। अंतर्दशा, D1, सप्तम भाव, नवांश, गोचर, जन्म समय और वास्तविक तैयारी को साथ समझें.
स्वास्थ्य और जीवनशैली ज्योतिषज्योतिष स्वास्थ्य और जीवनशैली के बारे में क्या कहता है?
ज्योतिष शरीर की लय, तनाव के पैटर्न, भावनात्मक संवेदनशीलता, ऊर्जा, नींद और विश्राम के समय को समझने में मदद कर सकता है। लेकिन इसे चिकित्सा, जांच या उपचार का विकल्प नहीं मानना चाहिए। यह सरल लेख बताता है कि स्वास्थ्य और जीवनशैली के विषय में ज्योतिष को जिम्मेदारी से कैसे समझें।
नक्षत्रनक्षत्र राशियों से कैसे भिन्न हैं?
वैदिक ज्योतिष के बहुत-से शुरुआती विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि नक्षत्र और राशियाँ बस दो अलग शब्द हैं, जबकि ऐसा नहीं है। इस मार्गदर्शिका में जानिए नक्षत्र राशियों से कैसे भिन्न हैं, दोनों का महत्व क्या है, राशियाँ व्यापक ढाँचा कैसे देती हैं, नक्षत्र उसी ढाँचे के भीतर सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक पैटर्न कैसे खोलते हैं, और एक ही राशि वाले लोग भी इतने अलग क्यों हो सकते हैं।
नक्षत्रजन्मकुंडली से अपना जन्म नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म नक्षत्र वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादों में से एक है, क्योंकि यह सामान्यतः जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति पर आधारित होता है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए जन्मकुंडली से अपना जन्म नक्षत्र कैसे पता करें, कौन-सी जन्म जानकारी आवश्यक है, चंद्रमा इतना महत्वपूर्ण क्यों है, कुंडली में इसे सही जगह कैसे देखें, और जन्म नक्षत्र आपके स्वभाव के बारे में क्या बताना शुरू करता है।
नक्षत्रवैदिक ज्योतिष में नक्षत्र क्या है? एक शुरुआती मार्गदर्शिका
नक्षत्र वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण नींवों में से एक हैं, फिर भी बहुत-से शुरुआती लोग इस शब्द को सुनते तो हैं पर ठीक से समझ नहीं पाते। इस मार्गदर्शिका में जानिए नक्षत्र क्या है, 27 नक्षत्र कैसे काम करते हैं, वे राशियों से कैसे अलग हैं, व्यक्तित्व और मन पर उनका क्या प्रभाव होता है, और जन्मकुंडली पढ़ने में उनका महत्व इतना अधिक क्यों है।
स्वास्थ्य और जीवनशैली ज्योतिषआपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा भावनात्मक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?
वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं, आंतरिक शांति, विश्राम और जीवन को भीतर से अनुभव करने की क्षमता से गहराई से जुड़ा है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि जन्मकुंडली में चंद्रमा भावनात्मक स्वास्थ्य, संवेदनशीलता, तनाव-प्रतिक्रिया, नींद, मानसिक स्थिरता और भावनात्मक सुरक्षा की आवश्यकता को किस प्रकार प्रभावित करता है।
दशा और समयफलदशा विवाह के समय को कैसे प्रभावित करती है?
वैदिक ज्योतिष में विवाह का समय केवल गोचर देखकर तय नहीं किया जाता। महादशा और अंतर्दशा यह बताती हैं कि जीवन में विवाह, संबंध, परिवार और प्रतिबद्धता के योग कब सक्रिय हो रहे हैं।
दशा और समयफलदशा बनाम गोचर: अंतर क्या है?
वैदिक ज्योतिष में किसी घटना का समय समझने के लिए दशा और गोचर दोनों को साथ देखकर पढ़ा जाता है। दशा जीवन की मुख्य अवधि और विषय बताती है, जबकि गोचर यह संकेत देता है कि वह विषय कब सक्रिय हो सकता है।