वास्तु शास्त्र
घर, कार्यालय, दिशाएँ, वास्तु दोष और व्यावहारिक वास्तु सुधारों पर शिक्षाप्रद लेख।
तोड़-फोड़ के बिना सरल वास्तु उपाय
क्या आप अपने घर की वास्तु सुधारना चाहते हैं, लेकिन दीवारें तोड़ना, भारी खर्च करना या बड़े निर्माण-परिवर्तन करना संभव नहीं है? यह व्यावहारिक मार्गदर्शिका ऐसे सरल वास्तु उपाय बताती है जो सफ़ाई, अव्यवस्था कम करने, मुख्य द्वार की देखभाल, कमरों के सही उपयोग, टूट-फूट की मरम्मत, प्रकाश, वायु और घर के संतुलन पर आधारित हैं, ताकि बिना बड़े बदलाव के घर अधिक शांत, सुसंगत और सहायक बन सके।
घर में आर्थिक समस्याओं के लिए वास्तु उपाय
यदि घर में धन आता तो है पर टिकता नहीं, खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं, बचत रुक गई है, या आर्थिक दबाव हर समय बना रहता है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें सरल और संतुलित भाषा में बताया गया है कि वास्तु आर्थिक असंतुलन को किस प्रकार देखती है, घर के कौन-से भाग धन-संबंधी स्थिरता से जोड़े जाते हैं, कौन-से छोटे उपाय वातावरण को अधिक व्यवस्थित और सहायक बना सकते हैं, और वास्तु क्या कर सकती है तथा क्या नहीं।
वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार की सर्वोत्तम दिशा कौन-सी है?
मुख्य द्वार घर में प्रवेश, आवागमन और ऊर्जा के प्रतीकात्मक प्रवाह से जुड़ा है। जानें कि वास्तु में पूर्व, उत्तर, ईशान और अन्य दिशाओं को कैसे समझा जाता है तथा वास्तविक घर में सही निर्णय कैसे लें।
वास्तु शास्त्र क्या है? शुरुआती लोगों के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका
वास्तु शास्त्र स्थान, दिशा, पंचतत्व, प्रकाश, वायु, भार और उपयोग के संतुलन से जुड़ी पारंपरिक भारतीय स्थान-योजना है। जानें कि वास्तु का वास्तविक अर्थ क्या है और इसे बिना डर के व्यावहारिक रूप से कैसे समझें।