ज्योतिष और अंक शास्त्र ब्लॉग
प्रमाणित ज्योतिषियों द्वारा वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, कुंडली पाठ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर विशेषज्ञ लेख।
वैदिक ज्योतिष के 3 स्तंभ: ग्रह, राशियाँ और भाव
वैदिक ज्योतिष को सही तरह से समझना आसान हो जाता है, जब आप उसके तीन मूल स्तंभों को समझ लेते हैं — ग्रह, राशियाँ और भाव। यह शुरुआती लेकिन गंभीर मार्गदर्शिका बताती है कि Grahas, Rashis और Bhavas वास्तव में क्या हैं, वे कुंडली में कैसे साथ काम करते हैं, और इन्हें समझे बिना किसी भी चार्ट को सही तरह से पढ़ना क्यों संभव नहीं।
सूर्य राशि, चंद्र राशि और लग्न में क्या अंतर है?
पश्चिमी ज्योतिष में सूर्य राशि पर अधिक ध्यान दिया जाता है, लेकिन वैदिक ज्योतिष में लग्न और चंद्र राशि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। जानिए सूर्य राशि, चंद्र राशि और लग्न आपके व्यक्तित्व, मन और जीवन-पथ को कैसे अलग-अलग तरीके से समझाते हैं।
कुंडली के 12 भाव (Bhavas): आपके जीवन का संपूर्ण नक्शा
कुंडली के 12 भाव वैदिक ज्योतिष में व्यावहारिक फलित की रीढ़ हैं। यह शुरुआती लेकिन गंभीर मार्गदर्शिका बताती है कि हर भाव क्या दर्शाता है, भाव और राशि में क्या अंतर है, भाव इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं, और वे आपके जीवन के प्रमुख क्षेत्रों को कैसे प्रकट करते हैं।
उत्तर भारतीय जन्म कुंडली कैसे पढ़ें: चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका
उत्तर भारतीय जन्म कुंडली पहली नज़र में जटिल लग सकती है, लेकिन उसका विन्यास समझते ही पढ़ना आसान हो जाता है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में लग्न पहचानना, भाव गिनना, राशि संख्याएँ समझना और ग्रहों की स्थिति का क्रमबद्ध विश्लेषण करना सीखें।
वैदिक ज्योतिष क्या है? शुरुआती पाठकों के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका
वैदिक ज्योतिष, जिसे ज्योतिष या ज्योतिष शास्त्र भी कहा जाता है, भारत की प्राचीन आध्यात्मिक ज्ञान परंपरा का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह शुरुआती मार्गदर्शिका समझाती है कि ज्योतिष क्या है, जन्म कुंडली कैसे काम करती है, लग्न क्यों इतना महत्वपूर्ण है, और ग्रह, राशियाँ, भाव, नक्षत्र तथा दशाएँ मिलकर जीवन की कथा कैसे प्रकट करती हैं।