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ज्योतिष और अंक शास्त्र ब्लॉग

प्रमाणित ज्योतिषियों द्वारा वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, कुंडली पाठ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर विशेषज्ञ लेख।

41 लेख

करियर और धन ज्योतिष

दशा करियर की प्रगति और रुकावटों को कैसे प्रभावित करती है?

एक मजबूत करियर-कुंडली भी जीवन के हर समय एक जैसे परिणाम नहीं देती। वैदिक ज्योतिष में दशा यह बताती है कि किस ग्रह का समय चल रहा है, और वही करियर की प्रगति, रुकावट, नौकरी-परिवर्तन, पदोन्नति, दबाव, पहचान, अस्थिरता या पुनरुद्धार को गहराई से प्रभावित कर सकता है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि दशा पेशेवर जीवन को कैसे आकार देती है और समय उतना ही महत्वपूर्ण क्यों है जितना जन्मकुंडली का मूल संकेत।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 25 मिनट पढ़ें
करियर और धन ज्योतिष

हाथ में पैसा क्यों नहीं टिकता: ज्योतिष क्या देखती है

कुछ लोग अच्छा कमाते हैं, फिर भी बचत नहीं बनती। पैसा आता है, लेकिन उतनी ही जल्दी निकल भी जाता है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि हाथ में पैसा न टिकने पर ज्योतिष किन बातों को देखती है— द्वितीय, एकादश, द्वादश, षष्ठ और अष्टम भाव, ऋण, खर्च, संचय की क्षमता, वित्तीय अनुशासन और शुक्र, गुरु, बुध, राहु तथा शनि जैसे ग्रहों की भूमिका।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 22 मिनट पढ़ें
करियर और धन ज्योतिष

ज्योतिष में नौकरी या व्यापार: आपके लिए क्या अधिक उपयुक्त है, यह कैसे जानें?

क्या आप यह समझना चाहते हैं कि आपके लिए नौकरी अधिक उपयुक्त है या व्यापार? यह सरल मार्गदर्शिका बताती है कि कुंडली के किन भावों, ग्रहों, स्वभावगत संकेतों और दशा-समयों को देखकर यह समझा जा सकता है कि सेवा, नियमित नौकरी, स्वतंत्र कार्य, परामर्श, व्यापार, स्वरोज़गार या साझेदारी में से कौन-सा मार्ग आपके लिए अधिक अनुकूल हो सकता है।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 23 मिनट पढ़ें
ग्रह और उनके प्रभाव

आपकी कुंडली में सबसे शक्तिशाली ग्रह कौन-सा है, यह कैसे जानें?

क्या आप जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में सबसे शक्तिशाली ग्रह कौन-सा है? यह सरल मार्गदर्शिका बताती है कि ज्योतिषी किसी ग्रह का बल कैसे परखते हैं— राशिगत स्थिति, भावस्थिति, दृष्टि, भावस्वामित्व, युति, दशा और जीवन में बार-बार दिखने वाले अनुभवों के आधार पर। जानिए ग्रहबल को सही ढंग से समझने की विधि, बिना जल्दबाज़ी और बिना सतही निष्कर्ष के।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें
ग्रह और उनके प्रभाव

ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह का अर्थ: एक सरल प्रारंभिक मार्गदर्शिका

ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह जीवन की अलग शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है— जैसे आत्मबोध, मन, साहस, बुद्धि, प्रेम, अनुशासन, इच्छा, वैराग्य और कर्मफल। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए वैदिक ज्योतिष के प्रत्येक ग्रह का मूल अर्थ क्या है और जन्मकुंडली में ग्रह वास्तव में क्या कह रहे होते हैं।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें
ग्रह और उनके प्रभाव

वैदिक ज्योतिष के 9 ग्रह कौन-से हैं?

वैदिक ज्योतिष के 9 ग्रह जन्मकुंडली को समझने की सबसे मूल कुंजियों में से एक हैं। यही ग्रह व्यक्तित्व, मन, कर्म, इच्छाएँ, संबंध, बुद्धि, अनुशासन, भाग्य, भ्रम और आध्यात्मिक दिशा को समझने में सहायता करते हैं। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए 9 ग्रह कौन-से हैं, प्रत्येक ग्रह क्या दर्शाता है, और जन्मकुंडली में उनका इतना महत्त्व क्यों है।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 21 मिनट पढ़ें
मुहूर्त और पंचांग

अभिजीत मुहूर्त क्या है और इसका उपयोग कब किया जा सकता है?

अभिजीत मुहूर्त हिंदू समय-विवेचन में एक अत्यंत प्रसिद्ध शुभ काल माना जाता है, विशेषकर तब जब किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए व्यावहारिक रूप से अनुकूल समय चाहिए हो। इस लेख में सरल भाषा में समझाया गया है कि अभिजीत मुहूर्त क्या है, इसे शुभ क्यों माना जाता है, किन कार्यों में इसका उपयोग किया जा सकता है, और किन स्थितियों में इसे बिना सोचे-समझे सामान्य नियम की तरह नहीं अपनाना चाहिए।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 18 मिनट पढ़ें
मुहूर्त और पंचांग

पंचांग क्या है? इसे सरल ढंग से कैसे समझें

यदि आप बार-बार पंचांग शब्द सुनते हैं, पर यह ठीक से नहीं जानते कि इसमें क्या देखा जाता है, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें समझाया गया है कि पंचांग क्या है, इसके पाँच अंग कौन-से हैं, हिंदू परंपरा में इसका महत्व क्यों है, और इसे सरल ढंग से कैसे पढ़ा जाए ताकि यह उलझन या भय का नहीं, बल्कि समय-बुद्धि का साधन बने।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें
मुहूर्त और पंचांग

मुहूर्त क्या है? एक सरल प्रारंभिक मार्गदर्शिका

यदि आप मुहूर्त शब्द बार-बार सुनते हैं लेकिन ठीक से नहीं जानते कि इसका अर्थ क्या है, तो यह सरल मार्गदर्शिका आपके लिए है। इसमें समझाया गया है कि मुहूर्त क्या है, हिंदू परंपरा में इसका महत्व क्यों है, पंचांग के आधार पर इसे कैसे चुना जाता है, और इसे भय या अंधविश्वास के बिना संतुलित ढंग से कैसे समझा जाए।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें
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