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ज्योतिष और अंक शास्त्र ब्लॉग

प्रमाणित ज्योतिषियों द्वारा वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, कुंडली पाठ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर विशेषज्ञ लेख।

36 लेख

नक्षत्र

नक्षत्र राशियों से कैसे भिन्न हैं?

वैदिक ज्योतिष के बहुत-से शुरुआती विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि नक्षत्र और राशियाँ बस दो अलग शब्द हैं, जबकि ऐसा नहीं है। इस मार्गदर्शिका में जानिए नक्षत्र राशियों से कैसे भिन्न हैं, दोनों का महत्व क्या है, राशियाँ व्यापक ढाँचा कैसे देती हैं, नक्षत्र उसी ढाँचे के भीतर सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक पैटर्न कैसे खोलते हैं, और एक ही राशि वाले लोग भी इतने अलग क्यों हो सकते हैं।

पंडित सुनील मिश्रा 02 अप्रैल 2026 19 मिनट पढ़ें
नक्षत्र

जन्मकुंडली से अपना जन्म नक्षत्र कैसे जानें?

जन्म नक्षत्र वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादों में से एक है, क्योंकि यह सामान्यतः जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति पर आधारित होता है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए जन्मकुंडली से अपना जन्म नक्षत्र कैसे पता करें, कौन-सी जन्म जानकारी आवश्यक है, चंद्रमा इतना महत्वपूर्ण क्यों है, कुंडली में इसे सही जगह कैसे देखें, और जन्म नक्षत्र आपके स्वभाव के बारे में क्या बताना शुरू करता है।

पंडित सुनील मिश्रा 02 अप्रैल 2026 18 मिनट पढ़ें
नक्षत्र

वैदिक ज्योतिष में नक्षत्र क्या है? एक शुरुआती मार्गदर्शिका

नक्षत्र वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण नींवों में से एक हैं, फिर भी बहुत-से शुरुआती लोग इस शब्द को सुनते तो हैं पर ठीक से समझ नहीं पाते। इस मार्गदर्शिका में जानिए नक्षत्र क्या है, 27 नक्षत्र कैसे काम करते हैं, वे राशियों से कैसे अलग हैं, व्यक्तित्व और मन पर उनका क्या प्रभाव होता है, और जन्मकुंडली पढ़ने में उनका महत्व इतना अधिक क्यों है।

पंडित सुनील मिश्रा 02 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें
स्वास्थ्य और जीवनशैली ज्योतिष

आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा भावनात्मक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं, आंतरिक शांति, विश्राम और जीवन को भीतर से अनुभव करने की क्षमता से गहराई से जुड़ा है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि जन्मकुंडली में चंद्रमा भावनात्मक स्वास्थ्य, संवेदनशीलता, तनाव-प्रतिक्रिया, नींद, मानसिक स्थिरता और भावनात्मक सुरक्षा की आवश्यकता को किस प्रकार प्रभावित करता है।

पंडित सुनील मिश्रा 02 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें
दशा और समयफल

महादशा और अंतरदशा साथ में कैसे काम करती हैं?

महादशा और अंतरदशा वैदिक ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण समय-परतों में से हैं। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि महादशा और अंतरदशा का अर्थ क्या है, मुख्य और उप-ग्रहकाल कैसे मिलकर काम करते हैं, एक ही महादशा अलग-अलग समय में इतनी अलग क्यों महसूस हो सकती है, और ये दोनों मिलकर करियर, संबंध, धन, मनःस्थिति और जीवन के बड़े मोड़ों को कैसे प्रभावित करते हैं।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 20 मिनट पढ़ें
दशा और समयफल

वैदिक ज्योतिष में दशा क्या है? एक शुरुआती मार्गदर्शिका

वैदिक ज्योतिष में दशा क्या होती है? इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए दशा का सीधा अर्थ, महादशा और अंतरदशा कैसे काम करती हैं, जीवन एक ग्रहकाल से दूसरे ग्रहकाल में इतना क्यों बदल जाता है, और जन्मकुंडली की संभावना जितनी महत्वपूर्ण है, समय उतना ही महत्वपूर्ण क्यों है।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 21 मिनट पढ़ें
करियर और धन ज्योतिष

दशा करियर की प्रगति और रुकावटों को कैसे प्रभावित करती है?

एक मजबूत करियर-कुंडली भी जीवन के हर समय एक जैसे परिणाम नहीं देती। वैदिक ज्योतिष में दशा यह बताती है कि किस ग्रह का समय चल रहा है, और वही करियर की प्रगति, रुकावट, नौकरी-परिवर्तन, पदोन्नति, दबाव, पहचान, अस्थिरता या पुनरुद्धार को गहराई से प्रभावित कर सकता है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि दशा पेशेवर जीवन को कैसे आकार देती है और समय उतना ही महत्वपूर्ण क्यों है जितना जन्मकुंडली का मूल संकेत।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 25 मिनट पढ़ें
करियर और धन ज्योतिष

हाथ में पैसा क्यों नहीं टिकता: ज्योतिष क्या देखती है

कुछ लोग अच्छा कमाते हैं, फिर भी बचत नहीं बनती। पैसा आता है, लेकिन उतनी ही जल्दी निकल भी जाता है। इस सरल मार्गदर्शिका में जानिए कि हाथ में पैसा न टिकने पर ज्योतिष किन बातों को देखती है— द्वितीय, एकादश, द्वादश, षष्ठ और अष्टम भाव, ऋण, खर्च, संचय की क्षमता, वित्तीय अनुशासन और शुक्र, गुरु, बुध, राहु तथा शनि जैसे ग्रहों की भूमिका।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 22 मिनट पढ़ें
करियर और धन ज्योतिष

ज्योतिष में नौकरी या व्यापार: आपके लिए क्या अधिक उपयुक्त है, यह कैसे जानें?

क्या आप यह समझना चाहते हैं कि आपके लिए नौकरी अधिक उपयुक्त है या व्यापार? यह सरल मार्गदर्शिका बताती है कि कुंडली के किन भावों, ग्रहों, स्वभावगत संकेतों और दशा-समयों को देखकर यह समझा जा सकता है कि सेवा, नियमित नौकरी, स्वतंत्र कार्य, परामर्श, व्यापार, स्वरोज़गार या साझेदारी में से कौन-सा मार्ग आपके लिए अधिक अनुकूल हो सकता है।

पंडित सुनील मिश्रा 01 अप्रैल 2026 23 मिनट पढ़ें
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